लोक नेतृत्व की पात्रता

महामानव राम और कृष्ण के दो उदाहरण हमारे समक्ष हैं जिनमें से प्रथम ने यह कदापि नहीं कहा कि वह परमेश्वर है और लोक नेतृत्व हेतु सुयोग्य है जब कि दूसरे ने ऐसा कोई अवसर नहीं छोड़ा जब उसने न कहा हो कि वही सर्व जगत का संचालक है और उसी को सभी कुछ समर्पित किया जाना चाहिए... [पूरी पोस्ट]
writer देवसूफी राम कु० बंसल

दूरदर्शिता

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[16 Apr 2010 05:02 AM]

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