व्यक्तिपरक एवं लक्ष्यपरक विचार

महामानव किसी भी विषय पर कोई व्यक्ति दो प्रकार से विचार कर सकता है - स्वयं के सापेक्ष अथवा लक्ष्य के सापेक्ष. उदाहरण के लिए मान लीजिये कि आपको निर्णय लेना है कि आगामी चुनाव में किस प्रत्याशी को अपना मत देना है. इसका निर्णय आप दो आधारों पर कर सकते हैं - स्वयं के... [पूरी पोस्ट]
writer देवसूफी राम कु० बंसल

स्वकेंद्रता

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[30 Apr 2010 06:14 AM]

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