गडकरी के लिए निर्णय की घड़ी
क्या सचमुच नैतिकता, ईमानदारी, मूल्य, सरोकार, रिश्ते, धर्म, सचाई, संवेदना, विश्वास, समर्पण, प्रतिबद्धता, त्याग, मित्रता, सौहाद्र्र जैसे शब्द और इनके निहितार्थ बेमानी हो गए हैं? पूरे समाज-देश पर इनके विपरीतार्थ शब्दों के कब्जे को देखते हुए मस्तिष्क में यह...
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एस.एन. विनोद !
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[02 May 2010 06:07 AM]



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