जासूस छिनारी, पलंग तोड़- मर्द चौड़ी पत्ती, जेल यात्रा, मट्ठा, गोदान, रोवनछा और मैं .........सतीश पंचम

सफ़ेद घर      गाँव की ही  एक दुकान में बैठे हुए  कुल्हड़ वाली चाय पी रहा था कि तभी नजर पान – तमाखू और जर्दे आदि के बीच रखे एक तमाखू वाले डिब्बे पर जा टिकी। लिखा है – पलंग तोड़, मर्द चौड़ी पत्ती……… तमाखू …..साथ ही डिब्बे पर एक दाढ़ी मूँछ... [पूरी पोस्ट]
writer सतीश पंचम

गांव

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[01 May 2010 20:27 PM]

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