आदित्य रंजन के लिए रावेंद्रकुमार रवि की एक बालकविता
प्यार से ... ... . मम्मी की गोदी में चढ़कर, जब उनकी आँखों में देखा, आँखों में था सपना! सपने में देखा, तो देखा -- दौड़-दौड़कर, कूद-कूदकर, खेल रहा हूँ मैं, प्यार से खेल रहा हूँ मैं! मम्मी की गोदी में चढ़कर, जब उनकी नथनी में देखा, नथनी में था अपना! अपने को...
[पूरी पोस्ट]
रावेंद्रकुमार रवि
बालकविता
7
0
0
0
12
[01 May 2010 14:31 PM]



Shuffle








