प्यार की राह में
प्रेम तपस्या में
लीन होकर जाना
कुछ हद तक
प्यार की भाषा को
और उसकी परिभाषा को प्रेम एक
सम्बन्ध है
मेल है
दिल के तारो का
परस्पर स्नेह का
विचारो का
भावनाओ का एक दूजे का
सहारा है प्यार
समर्पण और आदर का
सामंजय है प्यार शायद इस दुनिया मे कई
प्रेम पुजारी है
फिर...
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प्रतिबिम्ब बड़थ्वाल
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[01 May 2010 14:14 PM]



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