गीत: समर ठन गया... --संजीव 'सलिल'

KABEERA KHADA BAZAR MEIN  गीत:समर ठन गया... संजीव 'सलिल' * तुमने दंड दिया था मुझको, लेकिन वह वरदान बन गया. दैव दिया जब पुरस्कार तो, अपनों से ही समर ठन गया... * तुम लक्ष्मी के रहे पुजारी, मुझे शारदा-पूजन भाया. तुम हर अवसर रहे भुनाते, मैंने दामन स्वच्छ बचाया. चाह तुम्हारी हुई... [पूरी पोस्ट]
writer दिव्य नर्मदा divya narmada

samyik hindi kavita

views
7
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
5
[01 May 2010 11:04 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix