हम कवि और हमारी कविताएं – रवि कुमार
हम कवि और हमारी कविताएं ( a poem by ravi kumar, rawatabhata ) हम सभी संवेदनशील हैं विचारशील भी हमारा सौन्दर्यबोध हर कुरूपता पर हमें द्रवित करता है हमारे पास शब्द हैं और कहने की बाजीगरी भी हम लिख लेते हैं कविता पर हमारी बदनसीबी हमारा समय क्रांतिकारी नहीं...
[पूरी पोस्ट]
रवि कुमार, रावतभाटा
कविपूंजी
38
6
0
6
10
[01 May 2010 10:48 AM]



Shuffle








