ये ब्लॉग जगत है
कुछ स्वाद बदलने के लिए और कुछ इस ब्लॉग जगत के बारे में कहने के लिए लीजिये ये रचना प्रस्तुत है; उम्मीद है ठेठ ब्लॉगर भाई लोग बुरा नहीं मानेंगे:किसने कहा जो लिखी है मैंने वो ग़ज़ल है ।चलता है सबकुछ नया फैशन आजकल है ॥मैं भी लिखूं, तुम भी लिखो, कथा-हास्य-काव्य...
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Indranil Bhattacharjee ........."सैल"
ghazal
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[01 May 2010 07:44 AM]



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