लफ्जों की धूल-6
लेखक कुलवंत हैप्पी(1)जिन्दगी सफर है दोस्तो, रेस नहीं,रिश्ता मुश्किल टिके, अगर बेस नहीं,वो दिल ही क्या हैप्पी जहाँ ग्रेस नहीं,(2)कभी नहीं किया नाराज जमाने को,फिर भी मुझसे एतराज जमाने को, जब भी भटकेगा रास्ते से हैप्पी, मैं ही दूँगा आवाज जमाने को(3)क्या...
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Kulwant Happy
कुलवंत हैप्पी
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[01 May 2010 07:21 AM]



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