लैंसडाउन....... फि‍र कभी :(

अरे बिरादर !! 'जि‍तेन, मेरी कार का शीशा फूट गया है, मैं नहीं जा सकूँगा!'वि‍जय ने जैसे दो टूक फैसला सुना दि‍या।मैंने कहा--जाना तो सरबजीत के कार से है, तब तक के लि‍ए तू अपने कार पर कवर चढाकर चल पड़!-नहीं, मेरा मूड ऑफ हो गया है! कल कि‍सी बच्‍चे ने कुत्‍ता भगाने के चक्‍कर... [पूरी पोस्ट]
writer जितेन्द़ भगत

सैलानी : एक सफर की कहानी

views
16
upvote
3
downvote
0
rating
3
comments
12
[01 May 2010 03:23 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix