मई दिवस पर एक कविता
महेन्द्र भटनागर जी की यह कविता आज मज़दूर दिवस पर.जब तक जग के कोने-कोने में न थमेगासामाजिक घोर विषमता का बहता ज्वार,हर श्रमजीवी तब तक अविचल मुक्त मनाएगा ‘मई-दिवस’ का त्योहार !मानव-समता का त्योहार !.वह मई-माह की पहली तारीख़ अठारह-सौ-छियासी सन् की,जब अमरीका...
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अशोक कुमार पाण्डेय
कविता
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[01 May 2010 01:12 AM]



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