पीपरताल

हमारी आवाज़ एक गाँव के तालाब की मेड़ पर घना,ऊँचा पीपल था.उसे पीपल का पेड़ इसलिए नहीं कह रहा हूँ कि पीपल पेड़ के अलावा भी बहुत कुछ होता है.यह मुझे किताबों ने नहीं पुरखों की चली आती हुई बातों ने सीख लेने को मजबूर किया..दादी कहतीं थीं ईश्वर को भी साँस लेने की ज़रूरत... [पूरी पोस्ट]
writer शशिभूषण
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[30 Apr 2010 13:04 PM]

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