इनमें क्या है जो धड़कन में लिए फिरता हूँ
कबीर के पाँच दोहे जिन्हें गाता जा रहा हूँकभी-कभी ऐसा होता है कि आप के मन पर कुछ बातें छा जाती हैं। मेरे मन पर कबीर साहब के कुछ दोहे छाए हुए हैंमैं मन ही मन इन दोहों में भटकता रहता हूँ। मेरी आदत है मुझे शब्दों का सहारा चाहिए। मैं कभी अंदर से खाली रह नहीं...
[पूरी पोस्ट]
बोधिसत्व
दोहे
58
7
0
7
8
[30 Apr 2010 11:08 AM]



Shuffle








