भोजपुरी के तुलसीदास ’रामजियावन दास’ : कवि ’बावला’

सच्चा शरणम् रामजियावन दास ’बावला’ को पहली बार सुना था एक मंच पर गाते हुए ! ठेठ भोजपुरी में रचा-पगा ठेठ व्यक्तित्व ! सहजता तो जैसे निछावर हो गई थी इस सरल व्यक्तित्व पर ! ’बावला’ भोजपुरी गीतों के शुद्ध देशज रूप के सिद्धहस्त गवैये हैं ! सोच कर नहीं लिखा कभी,... [पूरी पोस्ट]
writer हिमांशु । Himanshu
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[30 Apr 2010 10:23 AM]

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