मेरे प्यारे वतन ..!!

के.सी.वर्मा ऐ मेरे अहले -वतन तू , ज्यादा उम्मीद न कर , क्यूँ की तेरे ही गद्दार तुझे, बेचने पे तुले हुए हैं !जिन को दी थी चाबी ,सम्भालने को इस देश की ,उनके इमानो के त्ताले, पहले ही खुले हुए हैं !पाक- दामन समझ, जिनको पूजती है दुनिया ,अरे ।!! बाप ये सब आपस में घुले... [पूरी पोस्ट]
writer कमलेश वर्मा

गद्दार

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[30 Apr 2010 09:58 AM]

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