फिर छिड़े बात किताबों की
(जयपुर के हिंदी अखबार डेली न्यूज़ के सप्लिमेंट हम लोग में प्रकाशित आलेख...चौराहा के पाठकों के लिए)प्रकाशकों और लेखकों के नज़रिए से मुद्रित किताबों का महत्व और डिजिटल पुस्तकों की चुनौतीपिछली सर्दियों की भोर याद आती है...एक सुबह, यही कोई साढ़े सात भर बजे...
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चण्डीदत्त शुक्ल
विश्व पुस्तक मेले के बहाने...
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[30 Apr 2010 07:35 AM]



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