गुलबदन, गुलपैराहन, ग़ुंचादहन याद आ गया
Ashok Pande
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[30 Apr 2010 03:30 AM]



नज़ीर बनारसी साहब की इस शानदार ग़ज़ल को स्वर दिया है अहमद हुसैन और मोहम्मद हुसैन ने...
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