क्षणिकाएं
तेरा चहकना महकना ,मचलनाखिलखिलाना कुछ यूँ लुभाता हैजैसे कोई नदिया तूफानी सागर के सीने परअठखेलियाँ कर रही हो तेरे पहलू में सिर रखकरसुकून पानाअब किस्मत नहींतुझे याद रखनाया भूल जानाअब बस में नहींदीदार तेरा हो अक्स मेरा होरूह तेरी...
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वन्दना
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[30 Apr 2010 02:35 AM]



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