रहीम संदेश-मनुष्य नाचता है कठपुतली की तरह (manushya kathputli hai-rahim sandesh)

दीपक भारतदीप की अंतर्जाल पत्रिका ज्यों नाचत कठपूतरी, करम नचावत गातअपने हाथ रहीम ज्यों, नहीं आपुने हाथकविवर रहीम कहते हैं कि जैसे नट कठपुतली को नचाता है वैसे ही मनुष्य को उसके कर्म नाच करने के लिऐ बाध्य करते हैं। जिन्हें हम अपने हाथ समझते हैं वह भी अपने नियंत्रण में नही होते हैं।वर्तमान... [पूरी पोस्ट]
writer दीपक भारतदीप

आध्यात्म

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[29 Apr 2010 23:49 PM]

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