आज “शब्दों का दंगल” एक वर्ष का हो गया है!
गत वर्ष आज ही के दिन “शब्दों का दंगल” शुरू किया था: इस रचना के साथ-एक वर्ष :135 पोस्ट Thursday, 30 April 2009"दंगल अब तैयार हो गया।" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')यह कविता मेरे पुराने ब्लॉग ‘‘उच्चारण" पर भी उपलब्ध है।शब्दों के हथियार संभालो, सपना...
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डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
वर्ष-गाँठ
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[29 Apr 2010 21:30 PM]



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