सूखे टुकड़े और शराब

uthisthkountaye महंगाई पर नेताओं के घडियाली आंसू -गरीब महंगाई से त्रस्त है - बच्चे दो जून के निवाले के लिए तरस रहे हैं - माँओं की आँखों से खून के आंसू बरस रहे हैं और नेता लोग भी चिल्ला रहे हैं ...थक हार कर बिअर से नहा रहे हैं.कुछ एसा ही नजारा था ; जब राष्ट्रीय जनता दल... [पूरी पोस्ट]
writer L.R.Gandhi
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[29 Apr 2010 12:53 PM]

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