छत्तीसगढ़ी व्याकरण के 125 बछर

गुरतुर गोठ जे मन आज घलोक छत्तीसगढ़ी ल संवैधानिक रूप ले भाखा के दरजा पाए के रद्दा म खंचका-डिपरा बनावत रहिथें, उंकर जानकारी खातिर ये बताना जरूरी होगे हवय के ए बछर ह छत्तीसगढ़ी व्याकरण बने के 125 वां बछर आय। आज ले ठउका 125 बछर पहिली हीरालाल चन्द्रनाहू "काव्योपाध्याय"... [पूरी पोस्ट]
writer संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari

गोठ बात

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[29 Apr 2010 05:24 AM]

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