मेरा हृदय अलंकृत

सप्तरंगी प्रेम 'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटता रावेन्द्र कुमार रवि का एक प्रेम-गीत 'मेरा हृदय अलंकृत'. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा... मेरा हृदय अलंकृत होकर करे न क्यों परिहास! उसे मिला है- मुग्ध चंद्रिका-सा अनुरंजित हास! बनी उदासी... [पूरी पोस्ट]
writer अभिलाषा

जीवन-वृत्त

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[28 Apr 2010 22:30 PM]

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