नापसंद करो,कुंठा निकालो-आह्वान है जयचंद की औलादों का.......!
नापसंदी लालों के कारनामे ब्लागवाणी पर चल रहे हैं, कायरों की तरह नापसंद के चटके लगा रहे हैं। पीठ पीछे छुप कर वार करते हैं जयचंद की औलाद। पिछले कई महीनों से तमाशा जारी है, हमारा नापसंदी लालों को खुला आमंत्रण है कि आज इस पोस्ट पर खुल के जी भर...
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ललित शर्मा
नापसंद
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[28 Apr 2010 19:30 PM]



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