आज का सच

स्वार्थ इच्छाओं में वृद्धि, आमंत्रण है तनावों को, क्योंकि चाही गयी हर इच्छा पूर्ण नहीं होती, पर अगर यूँ कामनाओं, आकांक्षाओं को न बढाएं, तो लगता है कि वक्त से कहीं पीछे चल रहे हैं! कहीं औरों से पिछड़ न जाएँ, का डर संतुष्ट नहीं रहने देता ! ऑंखें बंद कर झांक कर... [पूरी पोस्ट]
writer swaarth

poetrypathcompetitiondestination

views
20
upvote
2
downvote
0
rating
2
comments
2
[28 Apr 2010 17:44 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix