भई! उन्हें संत रहने दो ...

Kavya Therapy वे श्री १०८ थे. वे तम्बू दर तम्बू प्रवचन देते चले गए तो वर्ष भर में श्री श्री १००८ हो गए. और अब वे हैं उससे भी बढ़कर परमपूज्य आचार्य स्वामी श्री देवादिदेव महाराज, जो हिमालय की कंदराओं से कठोर साधना कर आ पहुँचे हैं धरातल पर, समाज के विलासिता में डूबे... [पूरी पोस्ट]
writer PRATUL
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[28 Apr 2010 16:04 PM]

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