पूर्ण उपस्थिति
प्रत्येक व्यक्ति अपनी दृष्टि से ठीक हैसच्चा भी, झूठा भी, पुण्यात्मा भी, पापी भी, सत्चरित्र भी, कुचरित्र भी, ईमानदार भी, ज्ञानी भी और अज्ञानी भी अगर व्यक्ति जहां है, वहां पूरी तरह मौजूद है, उपस्थित है होश के साथ तो उक्त भेद मिट जाते हैं और व्यक्ति...
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Manoj Bharti
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[28 Apr 2010 14:25 PM]



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