कसूर की सजा मिलती है-हिन्दी शायरी (kasoor ki sajaa-hindi shayari)
अपराध की कामयाबी सेतभी आदमी तक डोलता हैजब तक वह सिर चढ़कर नहीं बोलता है।यह कहना ठीक लगता है किजमाना खराब है,चमक रहा है वही इंसानजिसके पास शराब और शबाव है,मगर यह सच भी है किसभी लोग नहीं डूबे पाप के समंदर में,शैतान नहीं है सभी दिलों में अंदर में,भले इंसान...
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दीपक भारतदीप
sher
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[28 Apr 2010 13:08 PM]



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