दार्शनिक संगीतज्ञ का फकीराना ठाठ
अनिल त्रिवेदी, इंदौर की कलम से।पुराना झीना-झीना कुर्ता, मटमैली लुंगी और बेतरतीब ब़ढ़ी हुई दा़ढ़ी। देखने पर सहसा विश्वास नहीं होता कि हम स्वनामधन्य शास्त्रीय गायक कुमार गंधर्व के सुपुत्र मुकुल शिवपुत्र से रूबरू हैं। इस दार्शनिक संगीतज्ञ का यही निराला...
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Kulwant Happy
अतिथि कोना
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[28 Apr 2010 12:46 PM]



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