एक लमहा ज़िन्दगी की वो कहानी कह गया
एक लमहा ज़िन्दगी की वो कहानी कह गयादूर तक बस राह में आलम ख़ला का रह गयाजो चला था खूँ जिगर से उमड़ के तूफ़ान साआते आते आँख तक वो सिर्फ पानी रह गयाहो गयीं तनहा मेरी पलकें भी अब तो एकदमहमनफ़स इक ख्वाब ही था, आज लेकिन वह गया उम्र भर देता रहा जो हर परिंदे को...
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प्रताप नारायण सिंह
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[28 Apr 2010 07:32 AM]



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