अस्पताल

कस्बे का कवि... परियों की तरहहवा में उड़ रही हैंपरिचारिकाएँदेवताओं की तरहलग रहे हैं चिकित्सकविज्ञान और प्रार्थनास्वर्ग और नर्कनिश्चय और अनिश्चय के बीचझूल रहा हैधरती का यह छोटा-सा टुकड़ा.... [पूरी पोस्ट]
writer मणिमोहन
views
6
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
1
[28 Apr 2010 06:52 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix