वर वर राव की कविता:वह आदमी
वर वर राव हमारे समय के महत्त्वपूर्ण राजनीतिक और साहसी कवि है। उनकी कविता की प्रत्येक पंक्ति धारदार होती है। वे न सिर्फ़ लालच के दलदल में फँसे लोगों के मन में दलदल से बाहर आने का जोश भरते हैं, बल्कि बाहर आकर ‘ चलना किस राह पर है, यह भी बताते चलते हैं, साथ...
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बिज़ूका फ़िल्म क्लब
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[28 Apr 2010 06:01 AM]



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