मित्र जयराज के जन्मदिन पर !

शब्द और अर्थ जीवन की आपाधापी में . कुछ बीत गया , कुछ छूट गया , जो बाक़ी है वह अपना है , जो छूट गया वह सपना है . कुछ माँगा है , कुछ मिलता है , कुछ तीखा है , कुछ मखना है . प्रारब्ध हो ! या प्राप्य हो ! सुर में अटका या टूट गया . जीवन की आपाधापी में , जो बाँटा -वह अपना... [पूरी पोस्ट]
writer अतुल प्रकाश त्रिवेदी/ અતુલ પ્રકાશ ત્રિવેદી / অতুল
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[28 Apr 2010 00:04 AM]

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