विदुर दर्शन-दुस्साहसी की अनदेखी करने पर प्रजा नाराज होती है
साहसे वर्तमानं तु यो मर्षयति पार्थिवः।सः विनाशं व्रजत्याशु विद्वेषं चाधिगच्छति।।हिन्दी में भावार्थ-यदि राज्य प्रमुख दुस्साहस करने वाले व्यक्ति को क्षमा या उसे अनदेखा करता है तो उसका अतिशीघ्र विनाश हो जाता है क्योंकि तब प्रजा में उसके विद्वेष की...
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दीपक भारतदीप
आध्यात्म
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[27 Apr 2010 23:12 PM]



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