प्रणय के क्षण

Unmanaa दिये प्रणय के जो क्षण तुमने,जीवन के आधार बन गए ,घृणा, उपेक्षा, पीड़ा, दंशनपरित्यक्ता को प्यार बन गये ! सुख सज्जा के स्वप्न ह्रदय नेमिलन रात्रि में खूब सँवारे ,हुई विरह की भोर, नयन के मोती ही गलहार बन गये ! कभी निशा की शीतलता का मोल न कर पाया था जो मन... [पूरी पोस्ट]
writer Sadhana Vaid
views
13
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
10
[27 Apr 2010 21:56 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix