फहरा दो पताका............

साहित्य योग जिंदगी के सवालों से परेशान बहुत हो गाया, अब और नहीं इस बार बदल कर रहूँगा अपनी किस्मत.......लडूंगा हर कठिनाईयों सेहिमालय के शिखर तक पहुचूँगा सारे बंधन तोड़ दूंगा....चाहे कुछ भी हो जाये इस बार बदल कर रहूँगा फिर धीरे से समझाता... [पूरी पोस्ट]
writer Tej Pratap Singh
views
14
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
5
[27 Apr 2010 13:30 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix