अनंत विस्तार
तेरी आँखों के सोनताल मेंनज़्मों का उबटन लगामैं नहाती हूँशब्दों का मनमोहक परिधानमुझे तुम्हारी नज़्म में ज़िन्दगी देता हैइस आबेहयात का रंग मुझे अनंत विस्तार देता है...
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रश्मि प्रभा...
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[27 Apr 2010 11:40 AM]



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