“धर्म बदला जा सकता है, जाति नही!” (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री “मयंक”)
मित्रों! आज मैं जातिवादी युग में एक अटपटा सा छोटा सा लेख प्रस्तुत कर रहा हूँ- आज जातिवाद की ज्वाला में हमारा देश झुलसा हुआ है! धर्म का मुद्दा तो आज काफी पीछे छूट गया है! लेकिन इतनी बात तो तय है कि जाति जन्म से होती है! वैदिक काल में पुरुष जाति और स्त्री...
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डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
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[27 Apr 2010 12:18 PM]



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