बिना शीर्षक..

azdak ‘कुछ तो होता होगा जो दिखता नहीं, मगर लौकी के बतिया को रोज़ कुछ बड़ा करता चलता है, नहीं?’ मौसा दन्‍न देना बोलते, बबुनी के बालों में हल्‍के हाथ फिराते हुए, फिर एकदम हंसने लगते. बबुनी चौंककर उनका चेहरा देखती, फिर खपड़े की लौकी पर, और आसपास, कि कहां जादू हुआ... [पूरी पोस्ट]
writer Pramod Singh

ब्‍लॉगिंग

views
15
upvote
3
downvote
0
rating
3
comments
4
[27 Apr 2010 11:28 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix