हंसने की कीमत नहीं देनी पड़ती,

Alag sa कभी-कभी कुछ याद आ जाता है तो बांटने की इच्छा हो जाती है.........................संता सिंह का बेटा बंटी बहुत देर से नाई की दुकान में बैठा था। जब काफी समय हो गया तो नाई ने पुछा, क्यूं बेटा बहुत देर से बैठे हो क्या बात है?बंटी ने जवाब दिया, मुझसे बंता अंकल... [पूरी पोस्ट]
writer Gagan Sharma, Kuchh Alag sa
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[27 Apr 2010 09:10 AM]

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