एक्सक्यूज़ मी...

Raviratlami Ka Hindi Blog बोलने की इच्छा तो ये हुई – “साला सांड, बीचों बीच रस्ते में खड़ा है, आने जाने के लिए जगह पर टाँग फैलाकर खड़ा है, परे हट!” मगर प्रकटत: बहुत ही नम्र स्वर में बोला – एक्सक्यूज़ मी, थोड़ा सा जाने देंगे... जाहिर है, सामने वाले को मेरे मन में उसके प्रति उठे... [पूरी पोस्ट]
writer Raviratlami

व्यंग्य

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[27 Apr 2010 08:52 AM]

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