जब सवाल करने का हक हो ?
कोई चीत्कार सुनी नहीं मगर फिर भीचीत्कार होती है जो बिना सुने भी सुनाई देती हैअंतर्मन को झकझोरती हैसागर के फेन सा जीवन उसमें भीवक़्त के तरकश में दबी , ढकी , अंधकार में डूबी कुछ वीभत्स करतीआत्मा...
[पूरी पोस्ट]
वन्दना
31
6
0
6
23
[27 Apr 2010 07:38 AM]



Shuffle








