विनोद मेहता का शिगूफा टांय टांय फिस्स, प्रधानमंत्री का विपक्ष को करारा जवाब।
मीडिया की भूमिका पर आज क्यूँ प्रश्न उठ रहे हैं ? लोकतंत्र में लोक की आवाज होने का दावा करने वाली मीडिया आज व्यवसाय के मैदान में महज लाला जी बन कर रह गयी है, बड़े बड़े पत्रकार इन लालाओं के दलाल और बाकी के पत्रकार इन लालाओं के बाबूजी जो अपने लाला जी के...
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रजनीश के झा (Rajneesh K Jha)
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[27 Apr 2010 04:41 AM]



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