पलके जो गीली है,उन ही आँखों में ये अंगार क्यों है?वयंग्य)

kunwarji's कल ही आदरणीय गोदियाल जी के वयंग्य कविता पढ़ी!शब्दों को तो जैसे कोई पगडण्डी मिल गयी हो!बढ़ चले उस ओर ही!राह में जितने भी "क्यों" मिले सब को एकत्रित कर ले आये मेरे पास!अब मुझ अज्ञानी के पास... [पूरी पोस्ट]
writer kunwarji's

(वयंग्य)

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[27 Apr 2010 04:26 AM]

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