कोई तो मतलब होगा- gazal
होने को तो सब होगालेकिन जाने कब होगाचाहेगा जब रब यारामिलना अपना तब होगाजब तब खत लिखता है जोकोई खैरतलब होगादंगो की फसलों का तोबीज सदा मजहब होगानाहक मिलता वो कहाँ हैकोई तो मतलब होगा‘श्याम’ मिलेगा जब हमकोसचमुच यार गजब होगा मेरा एक और ब्लॉग...
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श्याम सखा 'श्याम'
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[26 Apr 2010 20:18 PM]



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