गीत हे समय के देवता! ... ---आचार्य संजीव 'सलिल'

भारत-ब्रिगेड हे समय के देवता! संजीव 'सलिल' हे समय के देवता! गर दे सको वरदान दो तुम... * श्वास जब तक चल रही है, आस जब तक पल रही है, अमावस का चीरकर तम- प्राण-बाती जल रही है. तब तलक रवि-शशि सदृश हम रौशनी दें तनिक जग को. ठोकरों से पग न हारें- करें ज्योतित नित्य मग को. दे... [पूरी पोस्ट]
writer दिव्य नर्मदा divya narmada
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[26 Apr 2010 14:22 PM]

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