आदतन तुम ने कर दिए वादे
आदतन तुम ने कर दिए वादेआदतन हम ने ऐतबार किया तेरी राहों में बारहा रुक करहम ने अपना ही इंतज़ार किया अब ना मांगेंगे ज़िन्दगी या रबयह गुनाह हम ने एक बार किया। - गुलज़ार साहेब http://creative.linux-delhi.org/?q=user/4/track...
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पियूष अग्रवाल
ग़ज़ल
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[26 Apr 2010 14:36 PM]



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