खामोश तूफान-हिन्दी शायरी (khamosh toofan-hindi shayari)
दीवार के उस तरफ वह आग की तरह उफन रहे हैं यह सोचकर कि इस पार पहुंचते ही तिनके को जला डालेंगे। अंदाज नहीं उनको इस बात का कि यहां भी कोई खामोश तूफान सांस ले रहा है यह ख्याल करते हुए कि हवाओं का रुख पलटा है कई बार इस बार आग को भी [...]...
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दीपक भारतदीप
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[26 Apr 2010 13:58 PM]



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