जल प्रदूषित और ज़हरीली हवाएं देखिये
जल प्रदूषित और ज़हरीली हवाएं देखिये और फिर उनके बयानों की अदाएं देखिये मूक दर्शक बन खडा है आदमी जो आम है शोक की या शौक़ की सारी सभाएं देखिये वस्त्र की जो ओट है तन पर उसे भी चीर कर भेड़िये सी ताकती भूखी निगाहें...
[पूरी पोस्ट]
jogeshwar garg
ghazal
13
0
0
0
4
[26 Apr 2010 13:30 PM]



Shuffle








